बुधवार, 29 फ़रवरी 2012

फागुन लहराया...



फागुन लहराया

अखियन में
फागुन लहराया!
शरमाई
फूलो में पंखुरियाँ
अलसाई
रतनारी आँखरियाँ!
अधरों पर
अनव्याहा छंद मुखर आया
चहक रही
तितली सी चितवन,
ठुमकी पायल
खनके कंगन!
भूला-सा एक नाम
सुधियों में आया!
अखियन में फागुन लहराया!
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----DHEERENDRA,"dheer"







13 टिप्‍पणियां:

  1. फागुन आने का अहसास हो गया आपकी यह रचना पढ़ कर..

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  2. फागुन का पूरा अहसास समेटे हुए है आपकी रचना|
    बहुत आनंद आया

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  3. हमेशा की तरह एक बहुत उत्कृष्ट प्रस्तुति. .... >बहुत ही बढ़िया रचना!
    Active Life Blog

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  4. वाह! बहुत सुन्दर मधुर मृदुल सी रचना.
    फागुन का अहसास कराती हुई.

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  5. सुन्दर ,सुन्दर बहुत सुन्दर रचना...

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  6. आंचलिक शब्दों में फागुनी रंग बिखेरती खुबसूरत रचना,.................

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  7. होली मुबारक .अलसाई आँखें ......अच्छी रचना
    भूला-सा एक नाम
    सुधियों में आया!
    अखियन में फागुन लहराया!

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  8. होली मुबारक .अलसाई आँखें ......अच्छी रचना
    भूला-सा एक नाम
    सुधियों में आया!
    अखियन में फागुन लहराया!

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  9. बहुत बेहतरीन और सार्थक रचना,
    इंडिया दर्पण की ओर से होली की अग्रिम शुभकामनाएँ।

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